Monday, February 23, 2009

दिल्ली पुलिस एलर्ट

कालकाजी में पिछले चार से पाँच सालों से कई चोरिया हत्या हो रही थी लेकिन हालही में दिल्ली पुलिस उस क्षेत्र में जागी है हालही में वह पर तैनात कुछ सिपाहियों को वह घूमते हुए और कुछ पूछ ताछ करते हुए पाया गया इस पर एक आम नागरिक होने जब उनसे पुचा गया की वोह अचानक से अपने काम और फ़र्ज़ पर कैसे लौटे कई सालों तो सोते रहने के बाद उन्हें याद आया की इस इलाके के लोग परेशान है और पुलिस के प्रति उनका विश्वास उठता जा रहा है वह के हेड कांस्टेबल मुरारी लाल का इस पर कहना था की अब चोरी हत्या की खबरों के बाद बैण्ड के कारन उन की ड्यूटी लगी है दिन में चार से पाँच चक्कर लगाने की काश अपनी इस ड्यूटी का एहास पहले ही हो जाता तो शायद जिन लोगो को नुकसान और अपनी जान गवानी पड़ी वोह सब नही होता खेर देर आए दुरुस्त आए

Sunday, February 15, 2009

आधिकारियों की मनमानी


आज अगर आम आदमी परेशां है तो वोह है सरकारी अफसरों की मनमानी से कोई भी आधिकारी पुलिस से लेकर मिनिस्ट्री तक सभी को रिश्वत से ही मतलब है अगर रिश्वत नही तो अपने काम पर सही वक्त पर न आना किसी को अगर सरकारी दफ्तर में काम आ जाता है तो वोह सोचता है की कैसे काम पुरा हो अपना काम करवाने के लिए आम आदमी को कैन दिनों तक पापड़ बेलने पड़ते है हाल है पुलिस आफिसरों का किसी भी केस के आने पर वोह सबसे पहले यह सोचते है की कैसे पैसा कमाया जाए और अगर पैसा कामने में पुलिस अफसर सफल न हो सके तो फिर उन्हें लगातार तंग किया जाता है हा वोह भी तो अपराध करते है लेकिन जो वोह करे वोह कानून और आम आदमी वोह अपराध क्या महात्मा गाँधी ने इसी देश को आजाद कार्य था ? ऐसे ही लोकतंत्र की कल्पना की थी

राजनीति का सच

राजनीति एक ऐसा क्षेत्र है जिसे समझना आम आदमी के लिए मुश्किल ही नही नामुमकिन है विधान सभा के चुनाव नै दिल्ली से जितने के बाद एक प्रसिद नेता अपने ही वाडे से मुखर गयी वहा पर उन्ही को जितने के लिए कई कार्यकर्ताओं ने काम कियालेकिन उस नेता ने जीतने के बाद उन कार्य कर्ताओं को पहचानने से इनकार कर दिया उस कार्यकर्ता ने उसे जीतने के लिए उसके मद्दद के लिए दिन रात एक किया अपना मतलब पुरा होने और जीत जाने के बाद उसने दिखा दिया की वोह एक राजनेता ही है मतल पुरा होने पर वोह इस बात को साबित करते है यह लोअग किसी के नही है चुनाव जीतने के बाद अगर अपने ही कार्यकर्ता के साथ कोई ऐसा कर सकता है तो दिल्ली की जनता का वोह क्या करेगी यह सोचा जा सकता है

आज का बजट


आज बजट आ रहा है आज के बजट ने लोगो के जीवन पर विशेष प्रभाव डालना है छठा वेतन तो आ गया जिसने लोगों की तनखा को बड़ा दिया लेकिन इसके साथ साथ महंगाई को भी बढाया है आज के इस बजट ने काफी कुछ तय करना है आख़िर यह कितना नाश और विनाश लेकर आती है

Wednesday, January 28, 2009


१ जनवरी को एक नई मुहीम की शुरुआत की गयी थी जिसके हिसाब से बेवजह हार्न बजाना ग़लत होगा लगता है देश की जनता हर उस बाद कों विरोध करती है जिसे देश और समाज के लिए ही चलाया जाता है१ जनवरी के बाद से तो मुझे कुछ ज्यादा ही हार्न की आवाज़ सुनने कों मिली है आखी समझ नही आता की लोगो कों बेवजह हार्न बजाने में क्या मज़ा आता है

सिगरेट पर बैण्ड लग जाने पर भी सिगरेट पीना कम नही हुआ


सरकार ने बीच सड़क पर सिगरेट पीने वालो पर बैण्ड लगा दिया था लेकिन आज इतना समय हो गया लेकिन लोगो ने सिगरेट पीना बन्द नही कियाइतना ही नही सिगरेट पीने वाले बीच सड़क पर police के सामने भी सिगरेट का सेवन करते है लेकिन उन्हें रोकने वाला कोई नही होता कोई भी उनकेरोकता नही है ऐसा कानून का क्या फायदा जिसे न तो जनता इस्तमाल कर रही है और न ही पुलिस उन्हें रोकना छाती है कैसे यह बन्द हटेगा

गाँधी वादी विचारधारा


गाँधी नाम ऐसा है जिसे हम भूल नही सकते जिनके कोशिशों के कारन हमारा देश आजाद हुआ है आज कितने लोग है जो उन्ही की विचारधारा से सहमत है उनकी वही विचारधारा जिनके कारन देश को आज़ादी मिली क्या महात्मा गाँधी ने सोचा था की आज़ादी के बारसो बाद देश की यह हालत होगी जिस सपने को देख कर देश को आज़ादी दिलाई आज उस्सी देश की स्तिथि को देख कर रोना आता है राजनितिक नेता हो या फिर समाज सुधर के नाम पर अपनी जेब भरने वाले या फिर नौकरी देने की बात करते हुए देश में विदेशी पूंजी व्यवस्था को फैलाने वाले सभी का हाल एक सा ही है हमने हालही में २६ जनवरी बड़ी ही धूमधाम से मनाया लेकिन क्या वास्तव में हम यही स्वतंत्रता चाहते है क्या आज की गरीबी किसानों की यह हालत सामाजिक अव्यवस्था क्या ऐसी आज़ादी ही हमे चाहिए थी इसी की कल्पना गाँधी जी ने की थी आज कितने लोगो को गाँधी जी के विचार याद है कितने लोग इस पर अमल कर रहे है गाँधीजी को अगर हम सही रूप से याद करना चाहते है तो उनकी विचारधारा को देश और समाज पर अमल करना ज़रूरी है समाज से भेदको मिटाना और गरीबो के स्तर को ऊपर उठाने के लिए उनकी स्तिथि में सुधार करना ज़रूरी है